Monday, November 29, 2010

सत्य के लिए तुम न अब.. लड़ा करो


सत्य के लिए तुम न अब.. लड़ा करो
मत मोढो घुटने ,चादर को बढ़ा. करो

तुम्हे क्या दिया. सिद्धांत और धर्म ने अपने कायदे दूसरों पर मत मढ़ा करो

सत्य..... परेशान होता,पराजित नही .. खोखली बातों के लिए मत अड़ा करो

यूँ तो जिन्दगी भर.. नही तोड़ पाओगे मटकी, तुम किसी के कंधे पे चढ़ा करो

पास होने की सिर्फ अंकसूची भर चाहिए .. कैसे पास हुए सवाल यह मत खड़ा करो

दूसरों के लिए लढना रोना छोड़ दो अब जीना है तो दिल अपना भी कड़ा करो

बहुमत के साथ चलना सीख लों ,"रितेश" बे- फायदे की बहस में ..मत पड़ा करो

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