Friday, November 18, 2011

"आवाज़


"आवाज़ जो खोई थी कल ही आज फिर से गूंजती है पूछती है प्यार से कैसी है दुनिया ? शब्द जड़ हों चेतना जब बह चली हो वख्त की बहती नदी मैं याद की नावें परिंदे स्वप्न जैसे उड़ चले हैं श्राद्ध और श्रद्धा के इन प्रसंगों की परिधि में वेदना और चेतना की व्याख्या बेचैन करती है वह चेतना तुमको तो लौटाऊँगा नहीं जो दे गए थे तुम मुझे चेतना और वेदना के बीच का विस्तार मेरी मुट्ठी से रपटती रेत जैसा वख्त है जिसमें कहीं तुम खो गए थे मैं भी आता हूँ अभी कुछ काम बाकी हैं मैं भी आता हूँ अभी कुछ रंजिशें कुछ राग बाकी हैं मैं आऊँगा रुके रहना अभी मेरे कुछ और इम्तहान बाकी हैं."

Saturday, September 17, 2011

प्रेम शब्द


प्रेम शब्द के श्रवण मात्र से, मन पुलकित हो जाता है!

बंधन यह ऐसा जिसमे बंधकर, जीवन धन्य हो जाता है!!

यूं तो खिल जाते हैं फूल प्यार के, हर इक की फुलवारी मे,

प्रेम मे सब न्योछावर कर दे, उसका प्रेम अमर हो जाता है!!


पत्थर दिल को मृदुल बना दे, प्रेम उसी को कहते हैं!

जो नफरत की आग बुझा दे, प्रेम उसी को कहते हैं!!

मंद हवा मे जल जाते हैं यूं तो हर इक दीप मगर,

जो तूफान मे दीप जला दे, प्रेम उसी को कहते हैं!!


जाति धर्म का भेद मिटा दे, प्रेम उसी को कहते हैं!

भक्त हृदय मे भगवान बसा दे, प्रेम उसी को कहते हैं!!

रितेश " यूं तो भटक जाते हैं मुसाफिर जीवन के किसी मोड़ पर,

जो भटके को राह दिखा दे, प्रेम उसी को कहते हैं!!

Wednesday, April 13, 2011

मैं तब रोता हूं


मैं तब रोता हूं, कोई जब तड़पता है किसी को तड़प से बचाने के लिए। कोई जब अपने हिस्से की रोटी देता है भूखे को खाने के लिए।
कोई जब एक पल भी देर किए बिना
अपना खून देता है किसी को बचाने के लिए।

कोई जिन्दगी गंवा देता है
किसी के चेहरे पर रौनक लाने के लिए।

जब कोई देता है किसी बेसहारे को सहारा
इस दुनिया में उसका हिस्सा पाने के लिए।

मैं तब रोता हूं
इन पलों के अपनत्व को ह्रदय में सामने के लिए।

ये आंसू बहुत कीमती हैं,
इन्हें यूं ही मत गंवाया करो।

किसी माशूक के रुठने पर
इन्हें मत बहाया करो।

Monday, March 28, 2011

फुरसत कि घडी


ज़िंदगी मस्त तभी होती है जब फुरसत कि घडी होती है

मन ही मन, दिलोजान से दुआ सलाम कि छड़ी होती है

मिलते हैं लोग रंजोगम सुनाने को दोपहर में

उनकी गाथा भी सदियों तक अपनों कि लड़ी पोती है

फिक्र कि जिद नहीं ,काम कुछ होता नहीं

बस दिलो दिमाग में मुहब्बत ही जड़ी होती है