Sunday, September 8, 2013

जिंदगी हसीं है -

जिंदगी हसीं है -
"खाने के लिए ज्ञान पचाने के लिए विज्ञान, सोने के लिए फर्श पहनने के लिए आदर्श, जीने के लिए सपने चलने के लिए इरादे, हंसने के लिए दर्द लिखने के लिए यादें... न कोई शिकायत न कोई कमी है, एक शायर की जिंदगी यूँ ही हसीं है... "


किस किस की दास्ताँ सुनोगे तुम " रीतेश "
इस जमाने के  अन्दर तो  जमाने  बहुत हैं

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