tum aa gaye ho , nur aa gaya hai
aap sab ki rachna hai
Sunday, July 14, 2013
ना सरोवर, ना नदिया
ना सरोवर, ना नदिया, ना सागर बनना है।
मुझे बस एक बूँद "ओंस" की बनना है ।
मोती बनकर कुछ देर चमकना है।
कुछ पलों में जीवन सारा जीना है।
मुझे बस एक बूँद "ओंस" की बनना है ।
फूलों की पंखुडियां बने या काटें बने बिछोना मेरा ...
जन्म हुआ जहाँ, साँस अंतिम वहीँ लेना है।
परिस्थिति कैसी भी रहे साथ मेरे,
हर स्थिति में, मुझे मुस्कराते हुए जीना है।
मुझे बस एक बूँद "ओंस" की बनना है
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