
ज़िंदगी मस्त तभी होती है जब फुरसत कि घडी होती है
मन ही मन, दिलोजान से दुआ सलाम कि छड़ी होती है
मिलते हैं लोग रंजोगम सुनाने को दोपहर में
उनकी गाथा भी सदियों तक अपनों कि लड़ी पोती है
फिक्र कि जिद नहीं ,काम कुछ होता नहीं
बस दिलो दिमाग में मुहब्बत ही जड़ी होती है
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